ज्योति मौर्य को मिला धोखा देखिए 2025
ज्योति मौर्य की कहानी
1. शुरुआती जीवन और सफलता की राह
- जन्म और परिवार: ज्योति मौर्य का जन्म बनारस (वाराणसी) के चिरईगांव इलाके में हुआ था। उनके पिता पारसनाथ मौर्य एक छोटी सी दुकान चलाते थे ।
- शादी और शिक्षा: वर्ष 2010 में वे आलोक मौर्य से विवाहित हुई थीं, जब वे ग्रेजुएशन कर रही थीं। पति ने उनकी दूरदर्शिता को देखते हुए उन्हें प्रयागराज में यूपी पीसीएस की कोचिंग दिलवाई ।
- पीसीएस में सफलता: 2015 में उन्होंने यूपी पीसीएस परीक्षा में 16वीं रैंक प्राप्त की और अधिकारी बनीं ।
- प posting: जौनपुर, कौशांबी, प्रतापगढ़, प्रयागराज और लखनऊ में तैनाती के बाद वर्तमान में वे बरेली की चीनी मिल में जनरल मैनेजर (GM) की भूमिका में हैं ।
- पारिवारिक जीवन: उनकी और आलोक की दो जुड़वा बेटियाँ हैं, जो ज्योति के साथ रहती हैं ।
2. विवादों से जुड़ा संघर्ष
- पति द्वारा लगाए गए आरोप:
- आलोक ने आरोप लगाया कि ज्योति का होमगार्ड कमांडेंट मनीष दुबे (नोएडा में तैनात) के साथ एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर चल रहा है ।
- वर्ष 2020 से यह संबंध जारी होने का दावा किया गया है और व्हाट्सएप चैट तथा होटल में उक्त अधिकारी से मुलाकात का प्रसंग भी शामिल है ।
- आलोक ने हत्या की साजिश और दहेज उत्पीड़न का आरोप भी लगाया, लेकिन ज्योति ने इस पर खुद एक मुकदमा दर्ज कराया है ।
- ज्योति का प्रतिवाद और कानूनी लड़ाई:
- उन्होंने अफेयर के आरोपों को निराधार और साजिश करार दिया, और स्वयं जांच की मांग की ।
- तलाक संबंधी कानूनी प्रक्रिया उन्होंने अदालत में शुरू की, जिसमें उन्होंने खुद पर हो रहे दबाव, परिवार द्वारा लगाई जा रही फॉर्च्यूनर कार की मांग, और मीडिया कवरेज रोकने की याचिका भी दायर की ।
- उन्होंने सामाजिक रूप से महिलाओं को आगे बढ़ने पर जोर देते हुए कहा कि “महिलाओं को पढ़ने और आगे बढ़ने का अधिकार है” ।
3. सामाजिक असर — उम्मीद और विवाद
- इस पूरे विवाद ने देश में चर्चा बढ़ा दी और कई पतियों ने कानूनी तैयारी कर रही पत्नियों को रोकने की बात कही — कई ने कोचिंग से बाहर करवा दिया या अफसर बनने पर अविश्वास जताया ।
कुल मिलाकर कहानी का सार
ज्योति मौर्य एक साधारण परिवार से उठकर यूपीपीएससी की 16वीं रैंक पा कर SDM बनीं, फिर चीनी मिल की GM बनीं। उनके पति ने उन पर अफेयर और हत्या की साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए, जिसने दोनों के बीच तलाक तक का मामला जमाया। वहीं, ज्योति ने दहेज उत्पीड़न समेत कई सामाजिक-आर्थिक अन्याय के खिलाफ कानूनी लड़ाई शुरू की। इस घटना ने समाज में महिलाओं की पढ़ाई, करियर और पति-पत्नी संबंधों पर सवाल भी उठाए।

Comments
Post a Comment